वोटो का होगा दान, है लोकतंत्र महान
वोटो का होगा दान, है लोकतंत्र महान
करे जनता आस, होगा बेहतर जहान.....
लुभावने है वादे, लोग है तेरे सीधे सादे,
तुमको पलकों पर बिठाएंगे, वाह रे तेरे वादे .....
लोकतंत्र के संग्राम में, खुलती-बंद होती पोल
बाद में जनता बेचारी, भूलकर घूमती गोल गोल .......
पैसा बटे, दारू बाटे, बाटे सपनो के खोल
अरे क्या तू बोलेगा, सुनो चुनावी नेता के बोल.......
साल दर साल चुनाव आते, तुमको नया दरस दिखते
ऐसे ही जाने बरस पे बरस.,यु ही सपने में बितते जाते .... .
आई होली, आती दिवाली, वारतेवार को मारो गोली
गरीबी बोली, अमीरी डोली, सबकी भरदे फिर जोली .....
वोटो का होगा दान, है लोकतंत्र महान
करे जनता आस, होगा बेहतर जहान.....
रचना :
CA जयेश सोनी